सूर्यदेव 19 जुलाई से 02 अगस्त तक पुष्य नक्षत्र में हैं।इस दौरान सर्वत्र भारी बारिश होगी। 02 अगस्त तक आप इस वर्षा का जल आकाश से गिरते समय किसी स्वच्छ बर्तन मे सीधे भर कर रख लें। इस जल को आप जीवन पर्यन्त औषधि के रूप में कभी भी ले सकते हैं। किसी भी प्रकार…
हिन्दी का मट्ठा शब्द संस्कृत के ‘मथित’ शब्द से आया है। मट्ठे के लिए हिन्दी में ‘छाछ’, गुजराती में ‘છાશ’ (छाश) और मराठी में ‘ताक’ शब्द प्रचलित हैं। रसखान के एक अत्यन्त प्रसिद्ध सवैये के अन्त में ‘ताहि अहीर की छोहरियाँ छछिया भरि छाछ पै नाच नचावैं’ ऐसा प्रयोग है। हिन्दी का ‘छाछ’ और गुजराती…
मध्यमा अँगुली (बीच की अंगुली) को हथेलियों की ओर मोड़ते हुए अँगूठे से उसके प्रथम पोर को दबाते हुए बाकी की अँगुलियों को सीधा रखने से शून्य मुद्रा बनती हैं। पद्मासन या सिद्धासन में बैठकर एकाग्रचित्त होकर शून्य मुद्रा करने से अधिक लाभ होता है। शून्य मुद्रा को प्रतिदिन प्रातः व सायं 10-15 मिनट के…
जानिए लोटा और गिलास के पानी में अंतर ???????????? कभी भी गिलास में पानी ना पियें, भारत में हजारों साल की पानी पीने की जो सभ्यता है वो गिलास नही है, ये गिलास जो है विदेशी है. गिलास भारत का नही है. गिलास यूरोप से आया. और यूरोप में पुर्तगाल से आया था. ये पुर्तगाली…
पानी में गुड डालिए, बीत जाए जब रात! सुबह छानकर पीजिए, अच्छे हों हालात!! *धनिया की पत्ती मसल, बूंद नैन में डार!* दुखती अँखियां ठीक हों, पल लागे दो-चार!! *ऊर्जा मिलती है बहुत, पिएं गुनगुना नीर!* कब्ज खतम हो पेट की, मिट जाए हर पीर!! *प्रातः काल पानी पिएं, घूंट-घूंट कर आप!* बस दो-तीन गिलास…